Ficool

Chapter 2 - 2ch

ओर बढ़ने लगी। उसने उस कमरे का दरवाज़ा खोलने की कोशिश की लेकिन वो अंदर से लॉक हो गया था।

"बाप रे! ये कैसा आदमी है, बिना पर्मिशन के अंदर घुसा तो घुसा लेकिन दरवाज़ा भी अंदर से बंद कर लिया! अब!" यासमिन की साँस फूलती जा रही थी।

उसे बहुत डर लग रहा था। उसका जी ये सोच सोचकर ही घबरा रहा था की ना जाने अंदर लकी और उस रिलेशन मैनेजर के बीच में क्या हो रहा होगा।

इधर जैसे ही लकी कमरे में दाखिल हुआ वहाँ का कस्टमर रिलेशन मैनेजर जो कि सोफ़े पर फैला हुआ था वो उसे देखते ही अचानक सीधा बैठ गया था।

"हेलो सर, कैसे है आप?" उसके मुँह से बिना लकी को देखे यही शब्द निकले। उसे याद था की इस कमरे में कुछ ख़ास लोग ही आते थे और जो भी आते थे यासमिन उनके आने की खबर उसे पहले ही दे देती थी लेकिन इस वक़्त जो आदमी उसके सामने खड़ा था, उसे देखते ही वो भी अपनी जगह पर जम गया था। ना तो वो कहीं से भी V.I.P लग रहा था और ना ही वो उसका कोई रिश्तेदार था।

"कौन हो भाई तुम? क्या चाहिए तुम्हें?" उस मैनेजर ने उस 20 साल के जवान लड़के को देखते हुए कहा।

"मैं यहाँ अपना पैसा लेने के लिए आया हूँ।" लकी ने सीधा मुद्दे की बात को मैनेजर के सामने रखते हुए कहा।

"तुम्हारे पास हमारा सुप्रीम कार्ड है?" मैनेजर ने उसे ऊपर से नीचे तक देखा और पूछा।

"नहीं. नहीं मेरे पास कोई कार्ड नहीं है।" लकी ने कहा।

मैनेजर के चहरे का ग़ुस्सा उसे साफ़ नज़र आ रहा था लेकिन ऐसा भी नहीं था की वो झूठ बोल रहा हो। भले ही उसके पास कार्ड नहीं था लेकिन इसका मतलब ये नहीं था कि वो AGRAWAL ख़ानदान का लड़का नहीं था। जैसे जैसे मैनेजर उसकी ओर बढ़ता जा रहा था लकी का डर भी बढ़ता जा रहा था।

मैनेजर को लग रहा था की वो कोई सनकी था और वो उसे धक्के मारकर बाहर निकालने के लिए आगे बढ़ ही रहा था की अचानक घबराए हुए लकी के दिमाग़ में के आइडिया आया, "फ़िंगर्प्रिंट!" उसने अपना अंगूठा उस मैनेजर के सामने उठाते हुए कहा।

"फ़िंगर्प्रिंट! कौनसा फिंगर्प्रिन्ट?" मैनेजर ने चौंकते हुए पूछा।

"अरे. अरे आपने कहा ना आपको कार्ड चाहिए, पर मेरे पास कार्ड नहीं है फ़िंगर्प्रिंट है और मुझे मालूम है कि आपके यहाँ फ़िंगर्प्रिंट से भी पैसा निकलते है " ये कहते ही लकी ने एक राहत की साँस ली थी। लेकिन मैनेजर को ये समझ में नहीं आ रहा था कि आख़िर लकी को फ़िंगर्प्रिंट की जानकारी मिली कैसे!

"तुम फ़िंगर्प्रिंट use करना चाहते हो?" मैनेजर ने लकी को घूरते हुए पूछा। लकी की शक़्ल और उसका हुलिया मैनेजर के लिए उसकी बातों से मेल नहीं खा रहे थे।

"हाँ मैं फ़िंगर्प्रिंट use करना चाहता हूँ सर!" लकी ने सीना चौड़ा करते हुए कहा। उसे इस तरह देख तो मैनेजर और भी confuse हो गया था। मैनेजर ने सोचा की उसे एक चांस देना चाहिए, इसलिए उसने लकी को फ़िंगर्प्रिंट इस्तेमाल करने की इजाज़त दे दी थी। वो अपनी टेबल के पास गया और उसके दराज में फ़िंगर्प्रिंट वाली मशीन ढूँढने लगा। दो तीन ड्रोवर्स में झांकने के बाद आख़िरकार उसे वो मशीन मिल गई थी।

"चुपचाप यहाँ पर अंगूठा लगाओ।" मैनेजर ने मशीन को आगे बढ़ाते हुए लकी से कहा।

लकी ने अपनी फटी हुई पैंट के पिछले हिस्से अपना अंगूठा पोंछा और फिर उस मशीन पर लगा दिया। दो सेकंड के बाद मशीन में से एक आवाज़ आने लगी। उसके अंदर एक लाल बत्ती जल रही थी और वो जोर जोर बीप कर रही थी।

"तुम्हारा फ़िंगर्प्रिंट मैच नहीं कर रहा है, मैंने पहले ही बोला था तुम्हारा कोई खाता नहीं है इसस बैंक मेंं!" मैनेजर ने लकी को ऐसे देखा जैसे वो कोई बड़ा अपराधी था।

मैनेजर उसकी पैंट की ओर देखने लगा। उसे लग रहा था कि लकी ने अपनी जेब में कोई हथियार छुपा रखा था और वो मैनेजर को बेवक़ूफ़ बना रहा था। इससे पहले की लकी अपनी जेब से कोई बंदूक़ या बम निकालता, मैनेजर ने अपना फ़ोन निकाला और पुलिस का नम्बर लगाने लगा।

लकी ने उसकी स्क्रीन पर देख लिया था की वो 100 नम्बर पर फ़ोन लगा रहा था। लकी बुरी तरह से घबरा गया था। वो बहुत ही उत्साह और जोश में अंदर तो चला आया था लेकिन उसे मालूम नहीं था कि वो इतनी बड़ी मुसीबत में फँसने वाला है।

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