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Chapter 4 - अध्याय 4: धोखा और असली खजाना

अध्याय 4: धोखा और असली खजाना

​विक्रम का दिमाग बिजली की गति से दौड़ा। उसके सामने खड़ा सुपरवाइजर ताकतवर था। उसकी एक बांह की मोटाई विक्रम की जांघ से भी ज्यादा थी। लड़ना मौत को दावत देना था।

​"नियम तो नियम हैं," विक्रम ने डरने का नाटक करते हुए कहा। उसने अपना सिर झुकाया और नीले पत्थर को अपनी मुट्ठी में कस लिया, जैसे वह उसे सौंपने ही वाला हो।

​"समझदार लड़का," सुपरवाइजर हंसा और अपना हाथ आगे बढ़ाया।

​लेकिन उस एक सेकंड के दौरान, जब विक्रम का हाथ उसकी जेब से बाहर आ रहा था, उसने एक बड़ा जुआ खेला। उसने अपनी 'डोंगशुआन सूत्र' की नई समझ का इस्तेमाल किया। उसने अपनी हथेलियों की नसें (Meridians) खोलीं और पत्थर के अंदर की ऊर्जा को बाहर खींचने की कोशिश की।

​सामान्य तौर पर, 'ओरिजिन स्टोन' की ऊर्जा को सोखने में घंटों लगते थे। लेकिन विक्रम का शरीर भूखा था। जैसे सूखे रेगिस्तान में पानी गिरता है, वैसे ही उसके 'जेडस्किन' (Jadeskin) ने पत्थर की शुद्ध ऊर्जा को एक झटके में चूस लिया।

​एक तीखी जलन उसके हाथ से होते हुए उसके सीने तक पहुँच गई।

​[चेतावनी: उच्च घनत्व वाली ऊर्जा का प्रवेश। शरीर का पुनर्गठन (Restructuring) शुरू...]

[ओरिजिन जीन +2]

​यह सब एक पल में हुआ। जब विक्रम ने अपनी मुट्ठी खोली और सुपरवाइजर की हथेली पर पत्थर रखा, तो वह अब चमकता हुआ नीला क्रिस्टल नहीं था। वह एक मटमैला, भूरा और बेजान पत्थर बन चुका था। उसकी सारी चमक गायब हो चुकी थी।

​सुपरवाइजर ने पत्थर को हाथ में लिया और उसकी आँखों में लालच चमक उठा। लेकिन जैसे ही उसने पत्थर को गौर से देखा, उसका चेहरा गुस्से से लाल हो गया।

​"यह क्या कचरा है?" सुपरवाइजर ने पत्थर को जमीन पर पटक दिया। पत्थर धूल बनकर बिखर गया। "तूने मुझे बेवकूफ बनाया? यह तो 'डिप्लीटेड' (Depleted/खाली) पत्थर है!"

​विक्रम ने अपनी सबसे मासूम शक्ल बनाई। "माफ करना बॉस! मुझे लगा यह चमक रहा था। शायद मेरी आँखों का धोखा था। मैं... मैं यहाँ नया हूँ, मुझे पत्थरों की पहचान नहीं है।"

​सुपरवाइजर ने विक्रम को घूरकर देखा। उसे शक तो हुआ, लेकिन 'ओरिजिन यूनिवर्स' में ऐसा कोई तकनीक नहीं थी जो एक सेकंड में पत्थर को चूस सके। उसे लगा कि शायद यह लड़का सच में बेवकूफ है और उसे एक बेकार पत्थर मिल गया था।

​"बेकार साला!" सुपरवाइजर ने विक्रम के पेट में लात मारी। "दोबारा मेरा समय बर्बाद किया तो तेरी हड्डियों का सूप बनाऊंगा। काम पर लग जा!"

​विक्रम पीछे की ओर लुढ़का और धूल में गिर गया। सुपरवाइजर पैर पटकता हुआ आगे बढ़ गया।

​धूल में लेटे-लेटे, विक्रम ने अपने पेट पर हाथ रखा। दर्द था, लेकिन हड्डी नहीं टूटी थी। इसके विपरीत, जहाँ सुपरवाइजर ने लात मारी थी, वहां की त्वचा अब हल्की चांदी (Silver) जैसी चमक रही थी।

​विक्रम के दिमाग में सिस्टम की आवाज़ गूंजी:

​[ओरिजिन जीन: 3/100]

[जेडस्किन (Jadeskin) का अनुकूलन शुरू। नई स्थिति: 'ओरिजिन जेड बॉडी' (Origin Jade Body) - स्तर 1]

[शारीरिक सहनशक्ति (Physical Defense) में 10% की वृद्धि।]

​विक्रम ने अपनी मुट्ठी भींची। उसे महसूस हुआ कि उसकी मांसपेशियों में पहले से ज्यादा जान है। वह लात, जो उसे कुछ देर पहले मार सकती थी, अब सिर्फ एक मामूली चोट जैसी लगी।

​"उसने सोचा कि मैंने उसे कचरा दिया," विक्रम ने मन ही मन शैतानी हंसी हंसी। "लेकिन असली खजाना तो अब मेरे खून में दौड़ रहा है।"

​उसने अपना कुदाल उठाया। अब उसे थकान महसूस नहीं हो रही थी। उसे एक तरीका मिल गया था। इस खदान में हज़ारों पत्थर थे। अगर वह सुपरवाइजर की नज़रों से बचकर, धीरे-धीरे इन पत्थरों की ऊर्जा चुराता रहे, तो वह यहाँ से निकलने से पहले ही एक राक्षस बन जाएगा।

​तभी, पास काम कर रहे बूढ़े मजदूर ने धीरे से खंखारा।

​"लड़के," बूढ़े ने बिना विक्रम की ओर देखे, पत्थर तोड़ते हुए धीमी आवाज़ में कहा। "तेरा अभिनय अच्छा था। लेकिन अगर तूने 'ब्लू-ब्लड' (Blue-Blood) मकड़ियों वाले हिस्से में खुदाई की, तो तुझे ऐसे पत्थर मिलेंगे जो एक झटके में नहीं सूखते... और न ही सुपरवाइजर वहां जाने की हिम्मत करता है।"

​विक्रम चौंका। यह बूढ़ा जानता था कि उसने क्या किया है।

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