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Chapter 1 - "kaali haveli ka raaz"

1. Vo haveli...

मध्य प्रदेश के एक छोटे से गांव के बाहर एक पुरानी हवेली थी....

लोग उसे काली हवेली कहते थे..

दिन में तो वह एक टूटी फूटी बिल्डिंग🏚️ लगती थी..

लेकिन रात में वहां अजीब आवाजें आती थी ...

खिड़कियां अपने आप खोल और बंद होती थी

और कभी-कभी किसी के रोने की आवाज भी आती थी शायद कोई लड़की रो रही हो 😭ऐसा ही लगता था..

गांव वाले कहते थे जो अंदर जाता है वह कभी वापस नहीं आता..

लेकिन अब मुझे वहां जाना था मुझे देखना 👀था कि इस हवेली के अंदर क्या है...

Story will be countinue.....🏯🕸️

2. Kaali haveli ka safar

लगभग शाम हो ही गई थी और गांव अब और भी डरावना लगने लगा था...

लेकिन फिर भी मैं और मेरे दोस्तों ने उसे हवेली में जाने का फैसला किया..... और सारी जरूर का सामान टॉर्च और कुछ डंडे लेकर हम वहां गए...

हमने देखा की हवेली भी दिन के मुकाबले रात में और भी डरावनी लगती है इतनी डरावनी लगती है कि अगर कोई वहां से गुजरे तो उसको हार्ट अटैक आ जाए...

लेकिन मुझे और मेरे दोस्तों को हार्ट अटैक नहीं आया क्योंकि हम थोड़े हिम्मत वाले थे😁...

लेकिन भाई डर तो सबको लगता है ना... तो फिर क्या हमने हवेली के अंदर जाने की ठान ली और हम एक-एक करके हवेली के अंदर जाने लगे हवेली के सामने थोड़ा लंबा रास्ता था...

जब हम उसे लंबे रास्ते से जा रहे थे तो अजीब सी आवाज़ हमारे कानों में हमें सुनाई दे रही थी...

जैसे कि मैं यहां पर फांसी हुई हूं मुझे यहां से निकालो लेकिन हम जानते थे कि यह उसकी चाल है हमें फसाने के लिए.... मैं नहीं चाहती थी कि मेरी वजह से मेरे दोस्तों की भी जान खतरे में पड़ जाए लेकिन क्या करूं ना चाहते हुए भी मुझे उन्हें अपने साथ लाना पड़ा.... हमने हवेली का दरवाजा खोला वह काफी बड़ा दरवाजा था... उसे दरवाजे पर बहुत सारे मकड़ी के बड़े-बड़े जले थे लगता था कि बहुत सालों से इस दरवाजे को खोल नहीं गया हो..... अंदर कोई भी रोशनी नहीं थी बिल्कुल अंधेरा था इतना काला अंधेरा था कि वहां पर हमारी टॉर्च का उजाला भी कम पड़ रहा था.....

हम धीरे-धीरे और अंदर गए हमने एक कमरे में जाकर देखा कि एक बड़ी सी तस्वीर एक बड़ी सी दीवार पर टंगी हुई है ऐसा लग रहा था कि वह किसी रानी या राजकुमारी की तस्वीर हो लेकिन उसका चेहरा कुछ साफ दिखाई नहीं दे रहा था...

जब हमने उसे तस्वीर को ध्यान से देखा तो उसमें किसी चित्रकार का नाम भी लिखा हुआ था... कालीचरण ऐसा लग रहा था कि मानो बहुत सदियों पहले इस चित्रकार ने अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए इस रानी की तस्वीर को बनाया था लेकिन शायद ही अब वह जिंदा होगा उसकी याद तो होगी ही इस गांव में किसी न किसी को तो कालीचरण के बारे में पता होगा..... लेकिन फिर हमें और भी डरावनी आवाज आने लगते हैं और फिर हमें डर लगने लगा इसलिए हम हवेली से बाहर की और दौड़े तेजी से दौड़ते वक्त मेरी एक दोस्त का जूता हवेली के अंदर छूट गया.....😶‍🌫️

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