Ficool

Chapter 1 - The Shadow Of The Devil

मुंबई की बारिश कभी-कभी सुहानी लगती है, लेकिन आज की रात अनाया के लिए किसी डरावने सपने से कम नहीं थी। रात के 2 बज रहे थे और अनाया अपनी पुरानी स्कूटी पर तेज़ घर की तरफ भाग रही थी। उसका शिफ्ट खत्म होने में देर हो गई थी और ऊपर से ये सुनसान रास्ता।"बस थोड़ी देर और, अनाया... बस 10 मिनट," वो खुद से फुसफुसाई, उसकी सांसें फूल रही थीं। बारिश की बूंदें उसके चेहरे पर सुइयों की तरह चुभ रही थीं। अचानक, एक मोड़ पर उसकी स्कूटी के सामने तीन काली SUV गाड़ियां आकर रुकीं। अनाया ने ज़ोर से ब्रेक मारी। कीर्र्र्र्र्च्च! स्कूटी घिसट कर रुकी और अनाया गिरते-गिरते बची। उसका दिल किसी तबले की तरह ज़ोर-ज़ोर से धड़क रहा था।उसने देखा कि सड़क के बीचों-बीच कुछ लोग खड़े थे। तीन-चार लोग मिलकर एक आदमी को बुरी तरह पीट रहे थे। खून की बूंदें बारिश के पानी में मिलकर लाल नालियां बना रही थीं। अनाया का पूरा बदन थर-थर कांपने लगा। उसने डर के मारे अपने दोनों हाथ अपने मुंह पर रख लिए ताकि उसकी चीख ना निकल जाए।तभी, बीच वाली SUV का दरवाज़ा खुला। एक लंबा, चौड़ा और बेहद खूबसूरत लेकिन खौफनाक आदमी बाहर निकला। उसने महंगा काला सूट पहना था, बाल पीछे की तरफ सेट थे, और उसकी आंखें... उन आंखों में कोई रहम नहीं था। वो था आर्यन सिंह राजपूत—इस शहर का सबसे बड़ा माफिया डॉन। लोग उसे "शैतान" कहते थे।आर्यन धीरे-धीरे उस तड़पते हुए आदमी के पास गया। उसने अपनी जेब से एक चमचमाती हुई पिस्तौल निकाली और उस आदमी के माथे पर रख दी।"मैंने कहा था ना, समीर... गद्दारी की सज़ा सिर्फ मौत होती है," आर्यन की आवाज़ इतनी ठंडी थी कि अनाया की रगों में खून जम गया।ठांय!गोली की आवाज़ बारिश की गरज में दब गई, लेकिन अनाया के कानों में गूंजती रही। उसने घबराहट में अपनी स्कूटी से एक डिब्बा गिरा दिया। क्लैंग!सन्नाटा छा गया। आर्यन की ठंडी नज़र अचानक रास्ते के उस अंधेरे कोने की तरफ मुड़ी जहां अनाया खड़ी थी। आर्यन ने एक हल्की सी मुस्कुराहट दी, जो और भी डरावनी थी। उसने अनाया की ठुड्डी को पकड़ कर उसका चेहरा ऊपर उठाया। उसका स्पर्श गरम था, लेकिन उसकी आंखें बर्फ की तरह ठंडी।"तुमने सब देख लिया, हैना?" आर्यन ने धीरे से पूछा। अनाया ने रोते हुए सर हिलाया, "म-मैंने... मैंने कुछ नहीं देखा... प्लीज मुझे जाने दीजिए।"आर्यन ने उसके होठों पर अपना अंगूठा फेरा। "इतनी मासूमियत... मैंने आज तक नहीं देखी। लेकिन मासूमियत इस दुनिया में ज़िंदा नहीं रहती, डार्लिंग।"

More Chapters