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Chapter 5 - Ladaai

अब तक

 

राधा के वहाँ से जाने के बाद राज मन में कहता है। राधा अब में सब पता लगा कर रहूँगा। कि तुम मुझसे क्या-क्या छुपा रही हो। इतना कह कर वो गुस्से में अपने रुम के लिए निकल जाता है। 

 

जब वो रुम पर पहुंचा है। तो उसे गुस्से में देख कर राजीव और सुनील पुछते है। कि वो इतना गुस्से में क्यो है। पर उन दोनों को राज कुछ नहीं बताता है। तो वो दोनो भी परेशान हो जाते हैं।

 

राजीव और सुनील दोनो सोचते है कि शायद राज और राधा के बीच झगडा हुआ होगा इसलिए गुस्से में होगा इस का पता लगाने के लिए राजीव दीप्ती को कॉल करता है।

 

दीप्ती कॉल उठाती है। तब राजीव पुछता है। कि क्या उस की बात राधा से हुई तब दीप्ती पुछती है कि वो क्यों राधा के बारे मे पुछ रहा है। तब राजीव उसे सब कुछ बता देता है। जिसे सुन दीप्ती कहती है। कि उसकी राधा से सुबह बात हुई थी उसके बाद नहीं हुई। 

 

 

दीप्ति राजीव को कहती है। कि शायद इन दोनों की लड़ाई नहीं हुई है अगर लडाई हुई होती तो राधा उसे कॉल करती। दीप्ति कहती है की वो राधा को कॉल कर पूछ लेती है पर राजीव मना करते हुए कहता है। अभी रहने दो अगर ये नही बतायेगा तब तुम राधा से पूछना और इतना बोल कर कॉल का देता है। 

 

अब आगे

 

राजीव कॉल काटता है। तब सुनील उससे पूछता है क्या बोला दीप्ती ने हुई थी उसकी बात राधा से। तब राजीव कहता है। दीप्ती बता रही थी कि उस की राधा से सुबह बात हुई थी उसके बाद कोई कॉल या मैसेज नहीं आया है।

 

और वो यह रही थी कि कोई और बात है। क्युकि अगर इन दोनों में लड़ाई हुई होती तो राधा दीप्ती को कॉल करके जरूर बताती पर ऐसा कुछ नही हुआ है।

 

मुझे लगता है। इसे और कुछ हुआ है जिसके लिए ये गुस्सा है। फिर दोनो सोचने लग जाते की क्या हुआ होगा तब सुनील राजीव से पुछता है। अब हम दोनों क्या करो।

 

तब राजीव कहता है। करना क्या है। उसी ने पूछते है। क्या है। जिस के लिए वो इतना गुस्से में है। सुनील कहता है। इतनी कोशिश फिर भी नही बताया है। अब बतायेगा क्या? 

 

उसका जवाब देते हुए राजीव कहता है। थोड़ा मुश्किल है। पर, पता तो करना होगा के क्यों इतना गुस्सा है। उनके अलावा और कोई बता भी तो नहीं सकता है। चल रूम के अंदर चलते है और उस से ही पूछते है क्या है

राज अपने रुम के बेड पर बैठ कर मन में कहता है क्यो किया ऐसा राधा तुमने । आखिर तुम ने झूठ क्यों बोला मैंने तुम्हे उस प्रिया से दूर रहने को कहा था पर फिर भी तुम उसके साथ बाते कर रही हो। और मुझे से सब कुछ छुपा रही हो। 

 

मुझे पता लगाना होगा कि तुम मुझ से क्या सुपा रही हो और मेरे मना करने के बाद भी तुम उस प्रिया के साथ कॉन्टेक्ट में क्यो हो।

 

तभी राजीव और सुनील रूम को अन्दर आते है तब वो दोनो राज को किसी सोच में डूबा हुआ देखते हैं। फिर दोनो उस के पास आकर पुछते है। क्या हुआ है तुझे जो इतना गुस्से में है, और किस सोच में डूबा है। उन दोनों की बात सुन राज कहता है। कोई बात नही है। और तुम दोनो मुझे अभी के लिए अकेला छोड दो।

 

अब राजीव को गुस्सा आ जाता है और वो गुस्से में राज को कहता है। क्या लगा रखा है ये बार- बार अकेला छोड दो अकेला छोड़ दो। जो भी बात है वो बता के हम कौन से तुझे खा जायेगे जिस के लिए तु हमे बताने को तैयार नहीं है।

 

राजीव को गुस्सा करते देख कर राज और सुनील दोनों डर जाते है। तब सुनील राजीव को शांत करते हुए कहता है। शांत हो जा तु इतना गुस्सा क्यों कर रहा है। तब वो कहता है। गुस्सा नही करू तो क्या करू कब से इस से पूछ रहे है पर ये भाई साहब कुछ बताने को ही तैयार नहीं है।

 

राजीव गुस्से में ही पुछता है। अब बतायेगा क क्यों है। इतने गुस्से में। तेरा और राधा का झगड़ा हुआ क्या?

 

तब राज कहता है हमारा झगड़ा नही हुआ पर वो मुझ से झूठ बोल रही है। बहुत सारी बाते मुझ से छुपा रही है उसकी बात सुन दोनो पुछते है। क्या मतलब वो तुम से झूठ बोल रही है। सीधा-सीधा बता क्या बाता है।

 

राज उन दोनो कि बात सुन के कहता है। जब मैं और राधा दोनों मिले थे और आपस बात कर रहे थे तब मैने उससे पूछा था कि उस ने अपने घर पर हमारे बारे में बात की। तब वो घबराह गई थी पर मैंने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया था पर उसी टाइम पर प्रिया का कॉल आया था। राज की ये बात सुन वो दोनों भी चोंक जाते हैं।

 

और जब मैंने पुछा किसका कॉल आया तब उस ने झूठ बोल दिया कि घर से पापा का कॉल आया था। और घर पर बुला रहे ये कह कर वो वहाँ से निकल गई और मैं इधर आ गया।

 

 

राज की पूरी बात सुन के दोनों कहते है पर तूने तो उस प्रिया से तो बात करने को मना कहा था उन की बात सुन के राज कहता है। वो ही तो समझ में नहीं आ रहा है। इसलिए अब मुझे सब पता करना होगा।

 

तभी राजीव को दीप्ति का कॉल आ जाता है दीप्ति राजीव से पुछती है। पता चला राज क्यो है गुस्से में। तब राजीव उसे सारी बात बता देता है। 

राजीव की बात सुन के दीप्ति भी चौंक जाती है। और कुछ सोचते हुए कहती है। राधा आज कल मुझ से भी सही से बात नही करती है। ना ही पहले की तरह इतने कॉल और मेसेज करती है मुझे लगा था कि वो busy होगी इस लिए नही कर पा रही होगी। पर अब लगता है कुछ और ही गड़बड़ है। 

 

तब राजीव उससे कहता है। तुम राधा को बीना पता चले जान‌ने कि कोशिश करो। की क्या चल रहा है तब दीप्ती हाँ कहती है और राजीव कॉल काट देता है और राज को दीप्ति से हुई सारी बात कहता है। राज कहता है कल हम चारों पता करने की कोशिश करते है क्या बात है वो। अगर नही पता चला तब मैं राधा से सीधा-सीधा पुछ लुगा। इतना कह के सो जाता है उसके सोते ही वो भी दोनो भी सो जाते हैं।

 

अगली सुबह

 

अगले दिन तीनो कॉलेज जाते हैं। और दीप्ती से मिलते है। और फिर चारो पता करने मे लग जाते है दिन भर कोशिश करने पर भी कुछ पता नहीं चलता है। तब राज, सुनील और राजीव अपने रूम पर आ जाते है। और दीप्ती अपने घर पर चली जाती है।

 

रुम पर आकर राज कहता है। अब कल सीधा राधा के मुँह से ही सुनुंगा के क्या बात है। और राधा से कॉल करके कल कॉलेज में मिलने कह कर कॉल काट देता है। 

अगले दिन राज, राजीव, सुनील, दीप्ती और राधा पांचो मिलते हैं। तब राज राधा से कहता है। राधा मुझे तुम से कुछ जानना है। तब राधा कहती है। हाँ पुछो क्या जानना बताना है तुम्हें। तब राज पुछता है। तुम सच-सच बताना के परसो जब हम मिले थे। तब तुम्हारे पास किस का कॉल आया था उस की बात सुन राधा धबराह जाती है। पर घबराहट छुपा कर कहती है। बताया था के पापा ने कॉल किया था।

 

उस बात सुन के चारों चौंक जाते हैं। क्योकि राधा झूठ बोल रही थी। अब राज गुस्से में कहता है। राधा मुझे सब पता है। तुम झूठ बोल रही हो तुम्हें इस दिन प्रिया का कॉल आया था और तुम झूठ बोल रही हो। अब राधा भी गुस्से में चिल्लाते हुए कहती है तुम्हे तो सब पता है। तुम तो भगवान हो ना। जब एक बार बोल दिया तो समाझ मे नही आता के घर से कॉल आया था।

 

 

तभी दीप्ती उसे शांत कराते हुए कहती है। शांत हो जा और राज तुम से कुछ पुछा रहा है। तो शान्ती से Answer है। इतना गुस्सा क्यों कर रही है। तभी राधा उस पर भी चिल्लाते हुए कहती है तुम तीनों बीच में मत आओ।

 

और राज तुम जब तुम्हे मुझ पर विश्वास ही नही तो तुम कौन सा प्यार करते हो। ऐसा ही है। तो आज से हम बात ही नही करते हैं। तब राज गुस्से मे कहता है। मै किसी कि बात में आकर नहीं बोल रहा हूँ मैंने खुद अपनी आखो से देखा है।और तुम झूठ बोल रही हो 

और हाँ सुने मुझे तुम पर खुद से ज्यादा विश्वास था पर अब तुम ने तोड़ दिया। और तुम मुझे समझती भी नही हो। तब राधा कहती है तुम भी कौन सा मुझे समझते हो और राज आज से हम दोनों बात नही करेगे। ये रिश्ता यही खतम इतना बोल वो निकल जाती है। राज भी हा कह कर वो भी निकल जाता है और दोनों के बीच बातो ही बातो लड़ाई हो जाती है।

 

आगे क्या मोड़ लेगी ये लड़ाई ? क्या राज और राधा के बीच वापस सुलह होगी? या फिर टुट जायेगा इनका रिश्ता ? क्या दोनों का इस तरह लड़ना सही था? अब क्या करेंगें दोनों के दोस्त?

इन सभी सवालो के जवाब जानने के लिए पढ़तेे रहिए "Pyar Aur Power"

 

 ।। हर हर महादेव ।। 

 

 

 

 

 

 

 

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